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| कुंकू |

|
| कलाकार |
खाली पहा |
| देश |
भारत |
| भाषा |
मराठी |
| एपिसोड संख्या |
७९१ |
| निर्मिती माहिती |
| प्रसारणाची वेळ |
* सोमवार ते शनिवार संध्या. ७ वाजता
- सोमवार ते शनिवार संध्या. ६ वाजता (२८ नोव्हेंबर २०११ पासून)
|
| प्रसारण माहिती |
| वाहिनी |
झी मराठी |
| प्रथम प्रसारण |
२७ जुलै २००९ – ४ फेब्रुवारी २०१२ |
| अधिक माहिती |
कुंकू ही झी मराठी वाहिनीवर प्रसारित झालेली एक लोकप्रिय मालिका आहे.
| आठवडा |
वर्ष |
TAM TVT |
क्रमांक |
संदर्भ |
| महाराष्ट्र/गोवा |
भारत |
| आठवडा ४४ |
२००९ |
०.७ |
४ |
१०० |
|
| आठवडा ४५ |
२००९ |
०.७ |
३ |
९३ |
[१] |
| आठवडा ५० |
२००९ |
०.८ |
२ |
९२ |
[२] |
| आठवडा ५१ |
२००९ |
०.८ |
१ |
९१ |
|
| आठवडा ५२ |
२००९ |
०.९ |
२ |
८६ |
[३] |
| आठवडा १ |
२०१० |
१.० |
१ |
५७ |
[४] |
| आठवडा २ |
२०१० |
०.८ |
४ |
९४ |
|
| आठवडा ५ |
२०१० |
०.७ |
३ |
९८ |
[५] |
| आठवडा ६ |
२०१० |
०.८ |
२ |
८७ |
|
| आठवडा ७ |
२०१० |
०.८ |
१ |
९२ |
[६] |
| आठवडा ११ |
२०१० |
०.७ |
३ |
९९ |
[७] |
| आठवडा १२ |
२०१० |
०.७ |
२ |
१०० |
|
| आठवडा ३२ |
२०१० |
०.६८ |
४ |
९९ |
[८] |
| आठवडा ३३ |
२०१० |
०.७३ |
३ |
८८ |
|
| आठवडा ३४ |
२०१० |
०.७ |
२ |
९१ |
|
| आठवडा ३५ |
२०१० |
०.७५ |
१ |
८७ |
|
| आठवडा ३७ |
२०१० |
०.७ |
१ |
९७ |
[९] |
| भाषा |
नाव |
वाहिनी |
प्रकाशित |
| कन्नड |
चि.सौ. सावित्री |
झी कन्नडा |
२६ जुलै २०१० - २७ जुलै २०१२ |
झी मराठी उत्सव नात्यांचा पुरस्कार
| वर्ष |
श्रेणी |
प्राप्तकर्ता |
भूमिका |
| २०१० |
सर्वोत्कृष्ट मालिका |
|
|
| सर्वोत्कृष्ट भावंडं |
मृण्मयी देशपांडे-प्रफुल्ल भालेराव |
जानकी-गणेश |
| सर्वोत्कृष्ट सहाय्यक व्यक्तिरेखा पुरुष |
सिद्धेश्वर झाडबुके |
पद्माकर |
| सर्वोत्कृष्ट सहाय्यक व्यक्तिरेखा स्त्री |
दीप्ती केतकर |
राधिका |
| सर्वोत्कृष्ट व्यक्तिरेखा स्त्री |
सुहास जोशी |
कृष्णा |
| सर्वोत्कृष्ट खलनायक |
शरद पोंक्षे |
परशुराम |
| सर्वोत्कृष्ट वडील |
सुनील बर्वे |
नरसिंह |
| सर्वोत्कृष्ट नायिका |
मृण्मयी देशपांडे |
जानकी |
| २०११ |
सर्वोत्कृष्ट व्यक्तिरेखा स्त्री |
| सर्वोत्कृष्ट कुटुंब |
|
किल्लेदार कुटुंब |
| सर्वोत्कृष्ट भावंडं |
मृण्मयी देशपांडे-प्रफुल्ल भालेराव |
जानकी-गणेश |
|
|---|
- वहिनीसाहेब,
- सावित्री,
- कुंकू,
- दिल्या घरी तू सुखी राहा,
- तू तिथे मी,
- जय मल्हार,
- लागिरं झालं जी,
- मिसेस मुख्यमंत्री,
- घरात बसले सारे,
- लाडाची मी लेक गं!,
- पाहिले न मी तुला,
- होम मिनिस्टर,
- कारभारी लयभारी,
- मन झालं बाजिंद,
- सत्यवान सावित्री,
- अप्पी आमची कलेक्टर,
- सारं काही तिच्यासाठी,
- तू चाल पुढं,
- सावळ्याची जणू सावली,
- पारू,
- शुभ श्रावणी
|