माक्स प्लांक
विकिपीडिया, मुक्त ज्ञानकोशातून
| कृपया या लेखाचा / विभागाचा विस्तार करण्यास मदत करा. अधिक माहितीसाठी या लेखाचे चर्चा पान, विस्तार कसा करावा? किंवा इतर विस्तार विनंत्या पाहा. |
| माक्स प्लांक | |
| पूर्ण नाव | माक्स कार्ल एर्न्स्ट लुडविग प्लांक |
| जन्म | एप्रिल २३, १८५८ कील, जर्मनी |
| मृत्यू | ऑक्टोबर ४, १९४७ ग्यॉटिंगन, जर्मनी |
| निवासस्थान | जर्मनी |
| राष्ट्रीयत्व | जर्मन |
| कार्यक्षेत्र | भौतिकशास्त्रज्ञ |
| कार्यसंस्था | कील विद्यापीठ, हंबोल्ट-उनिफेर्सिटेट त्सु बेर्लिन, गेऑर्ग-आउगुस्त-उनिफेर्सिटेट ग्यॉटिंगन |
| प्रशिक्षण | लुडविग-माक्सिमिलियान्स-उनिफेर्सिटेट म्युन्शेन |
| डॉक्टरेटचे मार्गदर्शक | फिलिप फॉन जॉली |
| डॉक्टरेटकरता विद्यार्थी | गुस्ताफ लुडविग हेर्त्झ एरिख क्रेचमान वाल्थर माइस्नर वाल्टर शॉट्की माक्स फॉन लाउअ माक्स अब्राहाम मोरित्झ श्लिक वाल्थर बोथऽ |
| ख्याती | प्लांकचा स्थिरांक, पुंजवादाचा (क्वांटम थिअरीचा) सिद्धांत |
| पुरस्कार | |
| अपत्ये | एर्विन प्लांक |
माक्स कार्ल एर्न्स्ट लुडविग प्लांक, ( एप्रिल २३, १८५८ – ऑक्टोबर ४, १९४७) हे जर्मन भौतिकशास्त्रज्ञ होते. त्यांनी पुंजभौतिकीचा शोध लावला ज्यातून शास्त्र आणि तत्त्वज्ञान यांमधील क्रांतीला सुरुवात झाली. त्यांना पुंजवादाच्या सिंद्धांताचे जनक समजले जाते व त्यासाठी त्यांना १९१८ चे भौतिकशास्त्रातील नोबेल पारितोषिक मिळाले.[१]
अनुक्रमणिका |
जीवन[संपादन]
संशोधन[संपादन]
पुरस्कार[संपादन]
बाह्यदुवे[संपादन]
संदर्भ[संपादन]
- ↑ The Nobel Prize in Physics 1918. Nobelprize.org. Retrieved on 2011-07-05.