धुमधडाका
Appearance
(धूमधडाका (चित्रपट) या पानावरून पुनर्निर्देशित)
| धूमधडाका | |
| छायाचित्र | |
| निर्मिती वर्ष | १९८५ |
| निर्मिती | महेश कोठारे |
| दिग्दर्शन | महेश कोठारे |
| कथा | श्रीधर |
| पटकथा | अण्णासाहेब देऊळ्गांवकर |
| संवाद | अण्णासाहेब देऊळ्गांवकर |
| संकलन | एन.एस. वैद्य |
| छाया | सूर्यकांत लवंदे |
| गीते | शांताराम नांदगावकर |
| संगीत | अनिल अरुण |
| ध्वनी | रामनाथ जठार |
| पार्श्वगायन | सुरेश वाडकर, उत्तरा केळकर, शब्बीर कुमार, ज्योत्स्ना हर्डीकर |
| नृत्यदिग्दर्शन | प्रविण कुमार |
| वेशभूषा | श्याम टेलर्स, माधव मेन्स मोड्स |
| रंगभूषा | निवृत्ती दळवी |
| प्रमुख कलाकार | महेश कोठारे, लक्ष्मीकांत बेर्डे, निवेदिता जोशी, प्रेमा किरण, सुरेखा, अशोक सराफ, शरद तळवलकर |
कलाकार
[संपादन]- अशोक सराफ - अशोक गुपचूप / उद्योगपती यधूनाथ जवळकर
- महेश कोठारे - महेश जवळकर
- लक्ष्मीकांत बेर्डे - लक्ष्मीकांत वाकडे (लक्ष्या)
- सुरेखा राणे - सीमा वाकडे
- निवेदिता सराफ - गौरी वाकडे
- प्रेमा किरण - अंबक्का रेडे
- शरद तळवलकर - धनाजी रामचंद्र वाकडे
- जयराम कुलकर्णी - नाना जवळकर (महेशचे बाबा)
- भालचंद्र कुलकर्णी - अभय गुपचूप (अशोकचे बाबा)
- सरोज सुखतांकर - लक्ष्मी जवळकर (महेशची आई)
- बिपीन वर्टी - रब्बर सिंग
यशालेख
[संपादन]पार्श्वभूमी
[संपादन]कथानक
[संपादन]महेश आपल्या गावातून शरद तळवलकर यांच्या उद्योग समूहात नोकरीला येतो.त्याची वाकडी तिकडी पळणारी जीप असते, कामातून आपली वेगळी ओळख निर्माण करतो, त्याच आणि मालकाच्या पोरीबरोबर शाब्दिक चकमकीत भांडण झालं व तीच्या सांगण्यावरून मालक महेशला कामावरून काढुन टाकले. महेश कामगार संघटना मार्फत मालकालाच धडा शिकविण्यासाठी मित्र अशोक यायला सांगितले पण तो सुद्धा याच मालकाच्या मोठ्या पोरीबरोबर प्रेमात पडलेला असतो
उल्लेखनीय
[संपादन]या चित्रपटात खालील गाणी आहेत.
संदर्भ
[संपादन]बाह्य दुवे
[संपादन]हा लेख/विभाग स्वत:च्या शब्दात विस्तार करण्यास मदत करा. |