भगवा रंग

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भगवा (#F4C430)

'इतिपी सो भगवा' में कहा भगवा कौन? 'इतिपी सो भगवा अरहं सम्मा संबुद्धो' यह भगवान बुद्ध की वंदना है। भग्ग रागो,भग्ग दोसो,भग्ग मोहो ति भगवा। भग्ग- भञ्जनकरना-तोड देना। भगवान बुद्ध ने राग_लोभ_तृष्णा_मोह का भंग कर तथागत अर्हत सम्यक सम्बुद्ध बणे। इसी कारण 'भगवा' को ही 'सम्यक संबुद्ध' कहा है 'भगवानबुद्ध' को संबोधीत 'भगवा' समयके प्रवाह में 'लक्षण' के रूप में 'बुद्ध' के 'चीवर' को दर्शाने के लिये प्रयोग किया जाने लगा और फिर 'भगवा शब्द' एक 'रंग का सूचक बन गया' वास्तव में भगवा यह एक 'गुणवाचक संज्ञा' है 'ए डिक्शनरी ऑफ पाली लैंग्वेज' के अनुसार 'भगवा' 'बुद्ध का गुणविशेषण' है जो कि केवल 'शाक्यमुनि गौतम बुद्ध' के लिये उपयोग किया गया है 'भगवा वत्तम' यानि बुद्ध द्वारा बोला गया नमो भगवा ☸️🙏🚩 भगवा हा पिवळ्या रंगांच्या गटातील एक रंग आहे. हिंदू धर्मामध्ये भगव्या रंगाला त्यागाचे प्रतिक मानले जाते. भारताच्या राष्ट्रीय ध्वजामध्ये भगवा रंग वापरला गेला आहे तसेच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचा ध्वज देखील भगव्या रंगाचा आहे.