साईबाबा संस्थान (शिर्डी)
| श्री साईबाबा मंदिर | |
|---|---|
| शिर्डी | |
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या मंदिराचे शिखर | |
| नाव | |
| संस्कृत | श्री साईबाबा मंदिरम् |
| कन्नड | ಶಿರ್ಡಿ ಸಾಯಿ ಬಾಬಾ |
| तमिळ | சீரடி சாயி பாபா |
| मराठी | साई बाबा |
| बंगाली | শিরডি সাই বাবা |
| मल्याळम | സായി ബാബ (ഷിർദ്ദി) |
| भूगोल | |
| गुणक |
19°76′61″N 74°47′69″E / 20.28361°N 74.80250°E Coordinates: latitude minutes >= 60 Coordinates: latitude seconds >= 60 Coordinates: longitude seconds >= 60 {{#coordinates:}}: अवैध अक्षांशगुणक तळटिपा |
| देश |
|
| राज्य/प्रांत | महाराष्ट्र |
| जिल्हा | अहिल्यानगर |
| स्थानिक नाव | शिर्डी |
| संस्कृती | |
| मूळ आराध्यदैवत | साई |
| स्थापत्य | |
| स्थापत्यशैली | मंदिर स्थापत्यशैली |
| इतिहास व प्रशासन | |
| बांधकामाचे वर्ष | इ.स.१९१८ |
| निर्माणकर्ता | अज्ञात |
| संकेतस्थळ | https://Sai.org.in |
साईबाबा संस्थान, शिर्डी हे महाराष्ट्रातील अहिल्यानगर जिल्ह्याच्या शिर्डी येथील श्री साईबाबांच्या समाधी मंदिराचे कामकाज पाहणारे व साईबाबांच्या दर्शनासाठी येणाऱ्या भाविकांना सोयीसुविधा पुरविणारी संस्था आहे. या संस्थानाकडून इतरही अनेक समाजोपयोगी कामे केली जातात. याची स्थापना दिनांक १३ फेब्रुवारी, इ.स. १९२२ रोजी अहिल्यानगरच्या सिटी सिव्हील कोर्टाकडून झाली.
सभा
[संपादन]साईबाबा संस्थानची पहिली सभा संतकवी श्री. दासगणू महाराज यांच्या अध्यक्षतेखाली संस्थानच्या स्थापनेनंतरच्या पहिल्या रामनवमीला म्हणजेच दिनांक ६ एप्रिल, इ.स. १९२२ रोजी झाली होती.
उत्पन्न
[संपादन]साईभक्तांकडून मिळणारी देणगी हे संस्थानाचे उत्पन्नाचे प्रमुख साधन आहे. पहिल्या वर्षी म्हणजे इ.स. १९२२ साली रामनवमीला संस्थानला ७७३ रुपये साठ पैसे देणगी जमा झाली होती, तर इ.स. २०१२ साली रामनवमीला तीन कोटी नऊ लाख सदोतीस हजार रोख रक्कम, ६९६ ग्रॅम सोने व पावणेतीन किलो चांदी संस्थानकडे साईभक्तांकडून जमा झाली.