समरेश बसू
Appearance
समरेश बसू
| लिंग | पुरूष |
|---|---|
| नागरिकत्व | भारत, ब्रिटिश भारत, भारतीय अधिराज्य |
| स्थानिक भाषेतील नाव | সমরেশ বসু |
| आडनाव | Basu |
| टोपणनाव | কালকূট |
| जन्म तारीख | ११ डिसेंबर 1924 |
| मृत्यू तारीख | १२ मार्च 1988 |
| मृत्यूस्थान | कोलकाता |
| अपत्य | Nabakumar Basu |
| मातृभाषा | बंगाली भाषा |
| बोलण्याची वा लेखनाची भाषा | बंगाली भाषा |
| लेखनाची भाषा | बंगाली भाषा |
| व्यवसाय | लेखक, बालसाहित्यिक |
| पुरस्कार | साहित्य अकादमी पुरस्कार, फिल्मफेअर पुरस्कार, Ananda Puraskar |
समरेश बसू (११ डिसेंबर १९२४ - १२ मार्च १९८८) हे आधुनिक बंगाली साहित्यातील होते, जे त्यांच्या अष्टपैलुत्वासाठी आणि विस्तृत लिखाणासाठी ओळखले जातात.[१] त्यांनी कालकुट या टोपण नावाने लेखन केले.[२] बसू यांना त्यांच्या शांबा या कादंबरीसाठी, साहित्य अकादमीने बंगाली भाषेत १९८० चा साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान केला.[३] त्यांनी नमकीन (१९८२ हिंदी चित्रपट)साठी सर्वोत्कृष्ट कथेसाठी फिल्मफेअर पुरस्कार जिंकला. [४]
संदर्भ
[संपादन]- ↑ Dey, Esha (1988). "Samaresh Basu: A Literary Assessment". Indian Literature. Sahitya Akademi. 3 (125): 47–52. JSTOR 23331255.
- ↑ Gangopadhyay, Sunil (1988). "Samaresh Basu: A Memory". Indian Literature. Sahitya Akademi. 3 (125): 37–46. JSTOR 23331254.
- ↑ "Sahitya Akademi Awards 1955–2007: Bengali". 2012-05-02 रोजी मूळ पान पासून संग्रहित. 2024-01-24 रोजी पाहिले.
- ↑ "Samaresh Basu Awards". द टाइम्स ऑफ इंडिया.