पुरंदरदास
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| पुरंदरदास | |
|---|---|
| आयुष्य | |
| जन्म | इ.स. १४८४ |
| जन्म स्थान | क्षेमपुर (वर्तमान: शिमोगा जिल्हा, कर्नाटक) |
| मृत्यू | इ.स. १५६४ |
| मृत्यू स्थान | हंपी, कर्नाटक |
| पारिवारिक माहिती | |
| आई | लीलावती |
| वडील | वरदप्पा नायक |
| संगीत साधना | |
| गुरू | अन्नमाचार्य (गायन), व्यासतीर्थ (आध्यात्मिक) |
| गायन प्रकार | कर्नाटक संगीत |
| संगीत कारकीर्द | |
| कार्य | कर्नाटक संगीतातील कृती |
| कार्यक्षेत्र | भक्तिमार्गी चळवळ, संगीत |
| गौरव | |
| गौरव | कर्नाटक संगीताचे पितामह |
पुरंदरदास (कन्नड: ಪುರಂದರ ದಾಸ ), जन्मनाम श्रीनिवास नायक, (इ.स. १४८४ - इ.स. १५६४) हे कन्नड संत व कर्नाटक संगीतातील संगीतकार, रचनाकार होते. त्यांनी रचलेल्या कर्नाटक संगीतातल्या कृतींपैकी बऱ्याचशा कृती कन्नड भाषेत असून, काही संस्कृत भाषेत आहेत.
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