विजयालय चोळ
Appearance
| सम्राट विजयालय चोळ | ||
|---|---|---|
| परकेसरीवर्मन, तंजाई कोंडा, कोपरकेसरीवर्मन | ||
| विजयालयाचा प्रदेश, सुमारे ८५० | ||
| चोळ साम्राज्य | ||
| अधिकारकाळ | इ.स. ८४७ – इ.स. ८७१ | |
| अधिकारारोहण | सम्राट पदाभिषेक | |
| राज्याभिषेक | इ.स. ८४७ | |
| राजधानी | तंजावर | |
| पूर्ण नाव | विजयालय चोळ | |
| मृत्यू | इ.स. ८७१ | |
| तिरुपती, आंध्र प्रदेश | ||
| पूर्वाधिकारी | पद निर्माण | |
| उत्तराधिकारी | पहिला आदित्य चोळ | |
| पत्नी | अनघावती | |
| संतती | पहिला आदित्य चोळ | |
| राजघराणे | चोळ साम्राज्य | |
| धर्म | हिंदू धर्म | |
विजयालय चोळ ( राज्यकाळ ८४८–८७१ ) हा शाही चोळ राजवंशाचा संस्थापक होता, जो सुरुवातीच्या चोळांनंतर सत्तेवर आला. त्याने ८४८ ते ८७१ पर्यंत राज्य केले. त्याने कावेरी नदीच्या उत्तरेकडील प्रदेशावर राज्य केले. तो संगम युगातील प्रसिद्ध चोळ राजा, करिकाल चोळ याच्या वंशजांपैकी एक आहे. विजयालयानंतर त्याचा मुलगा पहिला आदित्य चोळ गादीवर आला, ज्याने शाही चोळ साम्राज्याचा पाया घातला.