विक्रम चोळ
Appearance
| सम्राट विक्रम चोळ | ||
|---|---|---|
| कोपरकेसरीवर्मन, त्यागसमुद्र | ||
| चोळ साम्राज्य | ||
| अधिकारकाळ | इ.स. ११२२ – इ.स. ११३५ | |
| अधिकारारोहण | सम्राट पदाभिषेक | |
| राज्याभिषेक | इ.स. ११२२ | |
| राजधानी | गंगाईकोंड चोळपुरम | |
| पूर्ण नाव | विक्रम चोळ | |
| मृत्यू | इ.स. ११३५ | |
| पूर्वाधिकारी | पहिला कुलोत्तुंग | |
| उत्तराधिकारी | दुसरा कुलोत्तुंग | |
| वडील | पहिला कुलोत्तुंग | |
| आई | मदुरांतकी | |
| पत्नी | मुक्कोकिलानादिगल त्यागपताका | |
| संतती | दुसरा कुलोत्तुंग | |
| राजघराणे | चोळ साम्राज्य | |
| धर्म | हिंदू धर्म | |
विक्रम चोळ (राज्यकाळ १११८–११३५) जो परकेसरी वर्मन म्हणून ओळखला जातो, हा १११८ ते ११३५ पर्यंत चोळ सम्राट होता. त्याने त्याचे वडील पहिला कुलोत्तुंग (राज्यकाळ १०७०–११२२) यांच्यानंतर सिंहासनावर राज्य केले. विक्रम चोळला त्याच्या वडिलांनी लहानपणीच युवराज म्हणून राज्याभिषेक केला होता. १०८९ मध्ये, त्याचा भाऊ राजाराजा चोडगंग याच्यानंतर त्याची वेंगी प्रांताचा प्रतिनिधी म्हणून नियुक्ती झाली. विक्रमने त्याच्या कार्यकाळात पश्चिम चालुक्य विक्रमादित्य सहावा याच्या वेंगी राज्यावरील महत्त्वाकांक्षा यशस्वीपणे रोखल्या. विक्रम चोळला तामिळनाडू आणि आंध्र प्रदेशच्या काही भागांचा समावेश असलेला प्रदेश वारसा हक्काने मिळाला.