दुसरा राजराज चोळ
Appearance
| सम्राट राजराज दुसरा | ||
|---|---|---|
| कोपरकेसरीवर्मन, राजगंबीरन | ||
| सम्राट दुसरा राजराज चोळ | ||
| चोळ साम्राज्य | ||
| अधिकारकाळ | इ.स. ११५० – इ.स. ११७३ | |
| अधिकारारोहण | सम्राट पदाभिषेक | |
| राज्याभिषेक | इ.स. ११५० | |
| राजधानी | गंगाईकोंड चोळपुरम | |
| पूर्ण नाव | चिथिराई उथिरट्टाधी | |
| जन्म | गंगाईकोंड चोळपुरम, चोळ साम्राज्य, तामिळनाडू | |
| मृत्यू | इ.स. ११७३ | |
| गंगाईकोंड चोळपुरम, चोळ साम्राज्य, तामिळनाडू | ||
| पूर्वाधिकारी | दुसरा कुलोत्तुंग | |
| उत्तराधिकारी | दुसरा राजाधिराज चोळ | |
| वडील | दुसरा कुलोत्तुंग | |
| आई | त्यागवल्ली | |
| पत्नी | अवनीमुलुदुदयाल भुवनीमुलदुदियाल उलागुडाई मुक्कोकिलन | |
| राजघराणे | चोळ साम्राज्य | |
| धर्म | हिंदू धर्म | |
राजराज दुसरा हा एक चोळ सम्राट होता, ज्याने ११५० ते ११७३ पर्यंत राज्य केले. ११४६ मध्ये त्याला युवराज आणि सह-शासक बनवण्यात आले आणि म्हणूनच राजराज दुसऱ्याच्या शिलालेखांमध्ये त्याच्या राजवटीची गणना ११४६ पासून केली जाते. राजाराजाच्या राजवटीत राजवंशाच्या अंताची चिन्हे दिसू लागली होती.