दुसरा कुलोत्तुंग
Appearance
| सम्राट कुलोत्तुंग दुसरा | ||
|---|---|---|
| राजकेसरीवर्मन, तिरुनिरु चोला | ||
| ऐरावतेश्वर मंदिरातील कुलोथुंग द्वितीय यांची मूर्ती | ||
| चोळ साम्राज्य | ||
| अधिकारकाळ | इ.स. ११३५ – इ.स. ११५० | |
| अधिकारारोहण | सम्राट पदाभिषेक | |
| राज्याभिषेक | इ.स. ११३५ | |
| राजधानी | गंगाईकोंड चोळपुरम | |
| पूर्ण नाव | कुलोत्तुंग दुसरा | |
| जन्म | गंगाईकोंड चोळपुरम, चोळ साम्राज्य, तामिळनाडू | |
| मृत्यू | इ.स. ११५० | |
| चिदंबरम, चोळ साम्राज्य, तामिळनाडू | ||
| पूर्वाधिकारी | विक्रम चोळ | |
| उत्तराधिकारी | दुसरा राजराज चोळ | |
| वडील | विक्रम चोळ | |
| आई | मुक्कोकिलानादिगल | |
| पत्नी | त्यागवल्ली मुक्कोकिलन | |
| संतती | दुसरा राजराज चोळ | |
| राजघराणे | चोळ साम्राज्य | |
| धर्म | हिंदू धर्म | |
कुलोत्तुंग दुसरा (मृत्यू ११५० इ.स.) हा ११३५ इ.स. ते ११५० इ.स. पर्यंतचा चोळ सम्राट होता. तो ११३५ इ.स. मध्ये विक्रम चोळचा उत्तराधिकारी झाला. विक्रम चोळाने ११३३ इ.स. मध्ये कुलोथुंगाला आपला युवराज आणि सहशासक बनवले, त्यामुळे कुलोथुंग दुसऱ्याच्या शिलालेखांमध्ये त्याचा शासनकाळ ११३३ इ.स. पासून गणला जातो. इतिहासकार नीलकंठ शास्त्री आणि टी. एन. सुब्रमण्यन यांच्या मते, कुलोत्तुंग चोळ दुसरा हा विक्रम चोळाचा मुलगा नव्हता आणि त्यांनी असे सुचवले आहे की उत्तराधिकाराच्या परंपरेत खंड पडला होता.