तिसरा राजराज चोळ
Appearance
| सम्राट राजराज तिसरा | ||
|---|---|---|
| राजकेसरी | ||
| चोळ प्रदेश सुमारे १२४६ | ||
| चोळ साम्राज्य | ||
| अधिकारकाळ | इ.स. १२१८ – इ.स. १२४६ | |
| अधिकारारोहण | सम्राट पदाभिषेक | |
| राज्याभिषेक | इ.स. १२१८ | |
| राजधानी | गंगाईकोंड चोळपुरम | |
| पूर्ण नाव | राजराज तिसरा | |
| मृत्यू | इ.स. १२६० | |
| पूर्वाधिकारी | तिसरा कुलोत्तुंग | |
| उत्तराधिकारी | तिसरा राजेंद्र चोळ | |
| पत्नी | कूथाडम नाचियार | |
| राजघराणे | चोळ साम्राज्य | |
| धर्म | हिंदू धर्म | |
राजराज चोळ तिसरा (मृत्यू १२६०) हा १२१६ ते १२४६ पर्यंत चोळ सम्राट होता. जुलै १२१८ मध्ये तो कुलोथुंग चोळ तिसऱ्याच्या जागी चोळ सिंहासनावर आला. राजाराज अशा राज्याच्या सिंहासनावर आला, जे आकाराने तसेच प्रभावाने खूपच लहान झाले होते. दक्षिणेत पांड्य सत्तेच्या उदयामुळे, चोळांनी कावेरी नदीच्या दक्षिणेकडील प्रदेशांवरील आपले बहुतेक नियंत्रण गमावले होते आणि होयसळ सत्तेच्या उदयामुळे उत्तरेकडील वेंगी प्रदेशांवरील त्यांची पकड ढिली होत होती.