चर्चा:मैत्री
विषय जोडाAppearance
या लिखाणात काय बदल करणार?
'बन्धन
मॆत्रीचे
इतिहासातील मैत्री
[संपादन]कि घेतलो बाबा साहेबांनी राज्य घटना लिहिले (?) प्रतेक्ष अस (?) बोलून जातात कुठ (?) तरी थांबव (आज्ञार्थ?) .
[संपादन]मराठी संस्कृती
[संपादन]आशिया
[संपादन]रोम
[संपादन]रशिया
[संपादन]आधूनिक (?) पश्चिम
[संपादन]यूनायटेडस्ट्स (?) मधील मैत्रीस उतार (?)
[संपादन]विकासाचे प्रश्न
[संपादन]मैत्रीचे प्रकार एक म्हणजे तो आपले (?) समश्या (?) जाणून घ्येण्या(?) सारख(?) आपल मूड सुदा तो (?) प्रेन्त्न
[संपादन](लंगोटी मित्र): परिचित/ओळख: हृदयमित्र ?: पेनमित्र: इंटरनेट मैत्री: महाजाल.
कॉम्रेड: सख्खा भाऊ सख्खी बहिण: Spiritual friendship:
प्रणय?: प्रेमा
- प्रणय (कामुक): प्रेमाची व्याख्या
- प्रेम म्हनजे न काळत (?) एकअद्याची (?) काजी (?) वाटणे
व्यक्तिएतर (?) मैत्री
[संपादन]1. व्येक्त (?) संकोश ३. ज्यांना आपल परकर्म (परकर?) आनंदात सांगावस (?) वाटत (?)
आंतरजीवविश्व (?) आणि पाळीव प्राणी मैत्री
[संपादन]हेसुद्धा पहा
[संपादन]मैत्री तील प्रेम : मैत्री हे दुसररया (?) आई च्या पोटी जन्म घेतलेलं (?) आपलच (?)जीव असतो
मैत्री हि (?) अनमोल देव देणगी आहे.
शब्दाचा विशेष संदर्भ/अर्थ छटा
[संपादन]| प्रयूक्त (?) शब्द | विशेष संदर्भ/अर्थ छटा |
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