पु. ल. देशपांडे
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| पु. ल. देशपांडे | |
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| पूर्ण नाव | पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे |
| टोपणनाव | पु.ल. |
| जन्म | नोव्हेंबर ८, १९१९ मुंबई |
| मृत्यू | जून १२, २००० पुणे |
| कार्यक्षेत्र | नाटक, साहित्य, संगीत, विनोद, तत्वज्ञान, दूरचित्रवाणी |
| राष्ट्रीयत्व | भारतीय |
| पुरस्कार | पद्मश्री सन्मान महाराष्ट्र भूषण साहित्य अकादमी महाराष्ट्र राज्य वाङमय पुरस्कार साहित्य संमेलनाचे अध्यक्ष |
| वडील | लक्ष्मण देशपांडे |
| पत्नी | सुनीता देशपांडे |
पुरुषोत्तम लक्ष्मण (पु. ल.) देशपांडे (नोव्हेंबर ८, १९१९ - जून १२, २०००) हे एक उत्कृष्ट मराठी लेखक (बहुतांशी विनोदी), नाटककार, नट (रंगभूमी व चित्रपट), कथा व पटकथाकार, दिग्दर्शक आणि संगीतदिग्दर्शक होते. त्यांना महाराष्ट्राचे लाडके बहुरूपी व्यक्तिमत्व असे म्हटले जायचे. त्यांच्या आद्याक्षरांवरून महाराष्ट्रात ते प्रेमाने पु. ल. म्हणून ओळखले जातात.
'गुळाचा गणपती' या 'सबकुछ पु. ल.' म्हणून गाजलेल्या चित्रपटात त्यांच्या व्यक्तिमत्वाच्या जवळजवळ सर्वच पैलूंचे दर्शन होते.
अनुक्रमणिका |
[संपादन] जीवन
मुंबईत जन्मलेले पु ल, पुण्याच्या फर्ग्युसन महाविद्यालयात आणि सांगलीच्या विलिंग्डन महाविद्यालयात शिकले. ४० च्या दशकात साहित्यक्षेत्रात पदार्पण करण्यापूर्वी त्यांनी महाविद्यालयात शिक्षक या नात्यानेही काही काळ काम केले. ते १९४६ साली सुनीताबाईंशी विवाहबद्ध झाले.
मराठी साहित्य व संगीतातील उत्तुंग योगदानाव्यतिरिक्त पु. लं.चे आकाशवाणी, दूरदर्शन, नाट्य व चित्रपट क्षेत्रातील कार्य लक्षणीय आहे. ते उत्तम संवादिनी वादक होते, तसेच त्यांनी काही चित्रपटांचे संगीत दिग्दर्शनही केले.
पु. लं.चे १२ जून २००० रोजी वयाच्या ८१ व्या वर्षी पुण्यात निधन झाले.
[संपादन] उल्लेखनीय
- दूरदर्शनच्या पहिल्यावाहिल्या प्रसारणासाठी पंडित नेहरूंची दूरदर्शनसाठी मुलाखत घेणारे पुलं हे भारतीय दूरदर्शनचे पहिले मुलाखतकार होते.
- साहित्य अकादमी व संगीत नाटक अकादमी या दोहोंचे पुरस्कार मिळवणार्या मोजक्या प्रतिभावंतात पुलंचा समावेश होतो.
[संपादन] कार्य
[संपादन] चित्रपट
| वर्ष | चित्रपट | भाषा | सहभाग |
|---|---|---|---|
| १९४७ | कुबेर | मराठी | अभिनय |
| १९४८ | भाग्यरेषा | मराठी | अभिनय |
| १९४८ | वंदेमातरम् | मराठी | अभिनय |
| १९४९ | जागा भाड्याने देणे आहे | मराठी | पटकथा, संवाद |
| १९४९ | मानाचे पान | मराठी | कथा-पटकथा-संवाद (ग.दि.माडगूळकरांच्या सह); संगीत |
| १९४९ | मोठी माणसे | मराठी | संगीत |
| १९५० | गोकुळचा राजा | मराठी | कथा, पटकथा, संवाद |
| १९५० | जरा जपून | मराठी | पटकथा, संवाद |
| १९५० | जोहार मायबाप | मराठी | अभिनय |
| १९५० | नवरा बायको | मराठी | कथा, पटकथा, संवाद, संगीत |
| १९५० | पुढचे पाऊल | मराठी | पटकथा, संवाद(ग.दि.माडगूळकरांच्या सह); अभिनय |
| १९५० | वर पाहिजे | मराठी | कथा (अच्युत रानडे यांच्या सह); संवाद |
| १९५० | देव पावला | मराठी | संगीत |
| १९५२ | दूध भात | मराठी | कथा, पटकथा, संवाद, गीतरचना, संगीत |
| १९५२ | घरधनी | मराठी | पटकथा, संवाद, गीतरचना, संगीत |
| १९५२ | संदेश | हिंदी | कथा, पटकथा, संवाद (संवादाचे हिंदी भाषांतर: मीर असगर अली) |
| १९५३ | देवबाप्पा | मराठी | पटकथा, संवाद, संगीत, गीतरचना(ग.दि.माडगूळकरांच्या सह) |
| १९५३ | नवे बिर्हाड | मराठी | संवाद, संगीत |
| १९५३ | गुळाचा गणपती | मराठी | कथा, पटकथा, संवाद, संगीत, अभिनय, दिग्दर्शन |
| १९५३ | महात्मा | मराठी, हिंदी, इंग्रजी | कथा |
| १९५३ | अंमलदार | मराठी | पटकथा, संवाद, संगीत, अभिनय |
| १९५३ | माईसाहेब | मराठी | पटकथा, संवाद |
| १९६० | फूल और कलियाँ | हिंदी | कथा, पटकथा |
| १९६३ | आज और कल | हिंदी | कथा, पटकथा |
[संपादन] लेख/कथा/कादंबरी
[संपादन] विनोद
- खोगीरभरती (१९४९)
- नस्ती उठाठेव (१९५२)
- बटाट्याची चाळ (१९५८)
- गोळाबेरीज (१९६०)
- असा मी असामी (१९६४)
- हसवणूक (१९६८)
- खिल्ली (१९८२)
- कोट्याधीश पु.ल. (१९९६)
- अघळ पघळ (१९९८)
- उरलं सुरलं (१९९९)
- पुरचुंडी (१९९९)
- मराठी वाङमयाचा (गाळीव) इतिहास(१९९४)
[संपादन] प्रवासवर्णन
- अपूर्वाई (१९६०)
- पूर्वरंग (१९६३)
- जावे त्यांच्या देशा (१९७४)
- वंगचित्रे (१९७४)
[संपादन] व्यक्तिचित्रे
- गणगोत (१९६६)
- गुण गाईन आवडी (१९७५)
- व्यक्ती आणि वल्ली (काल्पनिक) (१९६६)
- मैत्र (१९९९)
- आपुलकी (१९९९)
- स्वागत (१९९९)
[संपादन] कादंबरी (अनुवाद)
- काय वाट्टेल ते होईल (१९६२) (मूळ लेखक: जॉर्ज पापाश्विली आणि हेलन पापाश्विली)
- एका कोळियाने (१९६५) (मूळ कथा: | The Old Man and the Sea लेखक : अर्नेस्ट हेमिंग्वे)
- कान्होजी आंग्रे
[संपादन] चरित्र
गांधीजी (२ ऑक्टोबर १९७०)
[संपादन] संकिर्ण
रेडिओवरील भाषणे आणि श्रुतिका भाग १
रेडिओवरील भाषणे आणि श्रुतिका भाग २
[संपादन] रंगमंच
[संपादन] एकपात्री प्रयोग
- बटाट्याची चाळ (१९५८ -- )
[संपादन] नाटक
- तुका म्हणे आता (१९४८)
- अंमलदार (१९५२) (मूळ लेखक - निकोलाय गोगोल)
- भाग्यवान (१९५३)
- तुझे आहे तुजपाशी (१९५७)
- सुंदर मी होणार (१९५८)
- पहिला राजा/आधे अधुरे (१९७६) (मूळ लेखक: जगदीशचंद्र माथुर)
- तीन पैशाचा तमाशा (१९७८) (मूळ लेखक - बेर्टोल्ट ब्रेश्ट्)
- राजा ओयदिपौस (१९७९) (मूळ लेखक - सोफोक्लीझ)
- ती फुलराणी (१९७४)
- एक झुंज वार्याशी (१९९४)
- वटवट (१९९९)
[संपादन] एकांकिका-संग्रह
- मोठे मासे आणि छोटे मासे (१९५७)
- विठ्ठल तो आला आला (१९६१)
- आम्ही लटिके ना बोलू (१९७५)
[संपादन] लोकनाट्य
- पुढारी पाहिजे (१९५१)
- वार्यावरची वरात
[संपादन] संदर्भ
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- - संपादक: जयवंत दळवी
- - प्रकाशक: मॅजेस्टिक प्रकाशन
- - प्रथम आवृत्ती: नोव्हेंबर इ.स. १९७९
-
- - प्रकाशक: मॅजेस्टिक प्रकाशन
- - संपादक: मुकुंद टाकसाळ


