एम. बालामुरलीकृष्ण
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| मंगलमपल्ली बालामुरलीकृष्णा | |
|---|---|
एम. बालामुरलीकृष्ण |
|
| आयुष्य | |
| जन्म | ६ जुलै १९३० |
| जन्म स्थान | शंकरगुप्तम, पूर्व गोदावरी जिल्हा, आंध्र प्रदेश |
| व्यक्तिगत माहिती | |
| धर्म | हिंदू |
| वांशिकत्व | तेलुगू |
| नागरिकत्व | भारतीय |
| मूळ_गाव | शंकरगुप्तम, पूर्व गोदावरी जिल्हा, आंध्र प्रदेश |
| देश | भारत |
| भाषा | तेलुगू |
| संगीत साधना | |
| गुरू | श्री. पंतलु |
| गायन प्रकार | कर्नाटक संगीत |
| संगीत कारकीर्द | |
| पेशा | गायक |
| कारकिर्दीचा काळ | इ.स. १९३८ - चालू |
| गौरव | |
| पुरस्कार | पद्मश्री पुरस्कार (इ.स. १९७१), पद्मविभूषण पुरस्कार (इ.स. १९९१), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (इ.स. १९७५) |
मंगलमपल्ली बालामुरलीकृष्णा (तेलुगू: మంగళంపల్లి బాలమురళీకృష్ణ ; रोमन लिपी: Mangalampalli Balamuralikrishna), अर्थात एम. बालामुरलीकृष्णा, (जुलै ६, इ.स. १९३० - हयात) हे कर्नाटक संगीतातील तेलुगू गायक, पार्श्वगायक, संगीतकार व बहुवाद्य-वादक आहेत. हे शास्त्रीय गायनाबरोबर वीणा, व्हायोलिन, बासरी वादनात निपुण आहेत. संगीतक्षेत्रातील योगदानाबद्दल भारतीय केंद्रशासनाने यांना पद्मश्री पुरस्कार, पद्मभूषण पुरस्कार, पद्मविभूषण पुरस्कार देऊन गौरवले आहे.
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