आद्य शंकराचार्य
| आद्य शंकराचार्य | |
राजा रविवर्म्याने चितारलेले आदि शंकराचार्यांचे चित्र |
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| जन्म | इ.स. ७८८ कालडी, केरळ, भारत |
| मृत्यू | इ.स. ८२१ केदारनाथ, उत्तराखंड, भारत |
| कार्यक्षेत्र | तत्त्वज्ञान, धर्म |
| भाषा | संस्कृत |
| तत्त्वप्रणाली | अद्वैत वेदान्तमत |
| प्रादेशिक वर्गीकरण | हिंदू धर्म |
| प्रमुख विषय | अद्वैतवाद |
| प्रसिद्ध लिखाण | शांकरभाष्य |
| प्रभाव | गोविंद भगवत्पाद |
आद्य शंकराचार्यकिंवा आदि शंकराचार्य (मल्याळम: ആദി ശങ്കരൻ, संस्कृत: आदि शङ्करः ;) (इ.स. ७८८ - इ.स. ८२१) हे अद्वैत वेदान्तमताचे उद्गाते व भारतीय हिंदू धर्मीयांचे तत्त्वज्ञ होते. त्यांनी अणुवादास खोडून काढत अद्वैताचा पुरस्कार केला. इ.स.च्या आठव्या-नवव्या शतकात कन्याकुमारी ते काश्मीर, आणि द्वारका ते जगन्नाथपुरी असे सर्व भारतभर भ्रमण करून, त्यांनी हिंदू धर्माची पुन:स्थापना केली. [ संदर्भ हवा ]. त्यांनी मांडलेला शून्यवाद सिद्धान्त प्रसिद्ध आहे.
शंकराचार्य हे हिंदू धर्मातील सर्वोच्च आचार्य मानले जातात. आद्य शंकराचार्यांनी द्वारका, जगन्नाथपुरी, रामेश्वर आणि बद्रीकेदार येथे चार पीठे निर्मून, त्यांवर प्रत्येकी एक पीठासीन शंकराचार्य नेमून आचार्य परंपरा घालून दिली.
या आदि शंकराचार्यांनी प्रस्थानत्रयींवर( वेद+उपनिषद+गीता) आणि अन्य विषयांवर अनेक भाष्यग्रंथ लिहिले आहेत. त्यांनी तत्त्वज्ञानविषयक ओव्या, संस्कृत स्तोत्रे, आणि तत्सम काव्ये रचली आहेत. त्यांच्या अनेक पद्यरचना अनुप्रासादी काव्यालंकारांनी ओथंबलेल्या आहेत.
अनुक्रमणिका |
शंकराचार्यांचे लिखित साहित्य [संपादन]
- अष्टोत्तरसहस्रनामावलिः
- उपदेशसहस्री
- चर्पटपंजरिकास्तोत्रम्
- तत्त्वविवेकाख्यम्
- दत्तात्रेयस्तोत्रम्
- द्वादशपंजरिकास्तोत्रम्
- पंचदशी
- कूटस्थदीप.
- चित्रदीप
- तत्त्वविवेक
- तृप्तिदीप
- द्वैतविवेक
- ध्यानदीप
- नाटक दीप
- पञ्चकोशविवेक
- पञ्चमहाभूतविवेक
- पञ्चकोशविवेक
- ब्रह्मानन्दे अद्वैतानन्द
- ब्रह्मानन्दे आत्मानन्द
- ब्रह्मानन्दे योगानन्द
- महावाक्यविवेक
- विद्यानन्द
- विषयानन्द
- परापूजास्तोत्रम्
- प्रपंचसार
- भवान्यष्टकम्
- लघुवाक्यवृत्ती
- विवेकचूडामणि
- सर्व वेदान्त सिद्धान्त सार संग्रह
- साधनपंचकम
- भाष्ये
- अध्यात्म पटल भाष्य
- ईशोपनिषद भाष्य
- ऐतरोपनिषद भाष्य
- कठोपनिषद भाष्य
- केनोपनिषद भाष्य
- छांदोग्योपनिषद भाष्य
- तैत्तिरीयोपनिषद भाष्य
- नृसिंह पूर्वतपन्युपनिषद भाष्य
- प्रश्नोपनिषद भाष्य
- बृहदारण्यकोपनिषद भाष्य
- ब्रह्मसूत्र भाष्य
- भगवद्गीता भाष्य
- ललिता त्रिशती भाष्य
- हस्तामलकीय भाष्य
- मंडूकोपनिषद कारिका भाष्य
- मुंडकोपनिषद भाष्य
- विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र भाष्य
- सनत्सुजातीय भाष्य
छोट्या तत्त्वज्ञानविषक रचना (कंसात श्लोकसंख्या/ओवीसंख्या) [संपादन]
- अद्वैत अनुभूति (८४)
- अद्वैत पंचकम् (५)
- अनात्मा श्रीविगर्हण (१८)
- अपरोक्षानुभूति (१४४)
- उपदेश पंचकम् किंवा साधन पंचकम् (५)
- एकश्लोकी (१)
- कौपीनपंचकम् (५)
- जीवनमुक्त आनंदलहरी (१७)
- तत्त्वोपदेश(८७)
- धन्याष्टकम् (८)
- निर्वाण मंजरी (१२)
- निर्वाणशतकम् (६)
- पंचीकरणम् (गद्य)
- प्रबोध सुधाकर (२५७)
- प्रश्नोत्तर रत्नमालिका (६७)
- प्रौढ अनुभूति (१७)
- यति पंचकम् (५)
- योग तरावली(?) (२९)
- वाक्यवृत्ति (५३)
- शतश्लोकी (१००)
- सदाचार अनुसंधानम् (५५)
- साधन पंचकम् किंवा उपदेश पंचकम् (५)
- स्वरूपानुसंधान अष्टकम् (९)
- स्वात्म निरूपणम् (१५३)
- स्वात्मप्रकाशिका (६८)
- गणेश स्तुतिपर
- गणेश पंचरत्नम् (५)
- गणेश भुजांगम् (९)
- शिवस्तुतिपर
- कालभैरव अष्टकम् (१०)
- दशश्लोकी स्तुति (१०)
- दक्षिणमूर्ति अष्टकम् (१०)
- दक्षिणमूर्ति स्तोत्रम् (१९)
- दक्षिणमूर्ति वर्णमाला स्तोत्रम् (१३)
- मृत्युंजय मानसिक पूजा (४६)
- वेदसार शिव स्तोत्रम् (११)
- शिव अपराधक्षमापन स्तोत्रम् (१७)
- शिव आनंदलहरी (१००)
- शिव केशादिपादान्तवर्णन स्तोत्रम् (२९)
- शिव नामावलि अष्टकम् (९)
- शिव पंचाक्षर स्तोत्रम् (६)
- शिव पंचाक्षरा नक्षत्रमालास्तोत्रम् (२८)
- शिव पादादिकेशान्तवर्णनस्तोत्रम् (४१)
- शिव भुजांगम् (४)
- शिव मानस पूजा(५)
- सुवर्णमाला स्तुति (५०)
- शक्तिस्तुतिपर
- अन्नपूर्णा अष्टकम् (८)
- आनंदलहरी
- कनकधारा स्तोत्रम् (१८)
- कल्याण वृष्टिस्तव (१६)
- गौरी दशकम् (११)
- त्रिपुरसुंदरी अष्टकम् (८)
- त्रिपुरसुंदरी मानस पूजा (१२७)
- त्रिपुरसुंदरी वेद पाद स्तोत्रम् (१०)
- देवी चतु:षष्ठी उपचार पूजा स्तोत्रम् (७२)
- देवी भुजांगम् (२८)
- नवरत्न मालिका (१०)
- भवानी भुजांगम् (१७)
- भ्रमरांबा अष्टकम् (९)
- मंत्रमातृका पुष्पमालास्तव (१७)
- महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
- ललिता पंचरत्नम् (६)
- शारदा भुजंगप्रयात स्तोत्रम् (८)
- सौंदर्यलहरी (१००)
- विष्णू आणि त्याच्या अवतारांच्या स्तुतिपर
- अच्युताष्टकम् (९)
- कृष्णाष्टकम् (८)
- गोविंदाष्टकम् (९)
- जगन्नाथाष्टकम् (८)
- पांडुरंगाष्टकम् (९)
- भगवन् मानस पूजा (१०)
- मोहमुद्गार (भज गोविंदम्) (३१)
- राम भुजंगप्रयात स्तोत्रम् (२९)
- लक्ष्मीनृसिंह करावलंब (करुणरस) स्तोत्रम् (१७)
- लक्ष्मीनरसिंह पंचरत्नम् (५)
- विष्णुपादादिकेशान्त स्तोत्रम् (५२)
- विष्णु भुजंगप्रयात स्तोत्रम् (१४)
- षट्पदीस्तोत्रम् (७)
- इतर देवतांच्या आणि तीर्थांच्या स्तुतिपर
- अर्धनारीश्वरस्तोत्रम् (९)
- उमा महेश्वर स्तोत्रम् (१३)
- काशी पंचकम् (५)
- गंगाष्टकम् (९)
- गुरु अष्टकम् (१०)
- नर्मदाष्टकम् ९)
- निर्गुण मानस पूजा (३३)
- मनकर्णिका अष्टकम् (९)
- यमुनाष्टकम् (८)
- यमुनाष्टकम्-२ (९)
हेही पाहा [संपादन]
बाह्य दुवे [संपादन]
- आद्य शंकराचार्यांनी स्थापलेल्या शृंगेरी पीठाचे संकेतस्थळ (इंग्लिश मजकूर)
- अद्वैत वेदान्त.ऑर्ग - आद्य शंकराचार्यांचे चरित्र (इंग्लिश मजकूर)