आज्ञा चक्र
विकिपीडिया, मुक्त ज्ञानकोशातून
आज्ञा चक्र हे एकुण बारा मुख्य चक्रांपैकी एक आहे. चक्र ही एक योग विषयक संकल्पना आहे. ही चक्रे आपल्या शरिरातील निरनिराळी कार्ये नियंत्रीत करतात असे मानले जाते.
अनुक्रमणिका |
कार्य [संपादन]
आधुनिक वैद्यक विचार [संपादन]
अधिक वाचन [संपादन]
सूर्यनमस्काराची सुरुवात करताना प्रणामासनात खालील मंत्र म्हटले जातात. त्या त्या मंत्राचा, शरीरातील कोणत्या चक्राशी संबंध आहे हे खाली दाखविले आहे-
| क्र. | मंत्र | चक्र |
|---|---|---|
| १ | ॐ मित्राय नमः | अनाहत चक्र |
| 2 | ॐ रवये नमः | विशुद्धी चक्र |
| ३ | ॐ सूर्याय नमः | स्वाधिष्ठान चक्र |
| ४ | ॐ भानवे नमः | आज्ञा चक्र |
| ५ | ॐ खगाय नमः | विशुद्धी चक्र |
| ६ | ॐ पूष्णे नमः | मणिपूर चक्र |
| ७ | ॐ हिरण्यगर्भाय नमः | स्वाधिष्ठान चक्र |
| ८ | ॐ मरीचये नमः | विशुद्धी चक्र |
| ९ | ॐ आदित्याय नमः | आज्ञा चक्र |
| १० | ॐ सवित्रे नमः | स्वाधिष्ठान चक्र |
| ११ | ॐ अर्काय नमः | विशुद्धी चक्र |
| १२ | ॐ भास्कराय नमः | अनाहत चक्र |
बाह्य दुवे [संपादन]
हेही पाहा [संपादन]
| कृपया या लेखाचा / विभागाचा विस्तार करण्यास मदत करा. अधिक माहितीसाठी या लेखाचे चर्चा पान, विस्तार कसा करावा? किंवा इतर विस्तार विनंत्या पाहा. |